भारतवर्ष को परम वैभव पर पहुंचाने के लिए ही हुआ संघ की स्थापना - विनय जी

मऊ । चैत्र मास के शुक्ल पक्ष के प्रतिपदा के दिन वर्ष प्रतिपदा उत्सव को मनाने हेतु मऊ नगर के जीवन राम छात्रावास के प्रांगण में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मऊ नगर के स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में उपस्थित होकर कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गोरक्ष प्रांत के प्रांतकार्यवाह विनय जी ने संघ के संस्थापक डॉ.केशव बलिराम हेडगेवार के चित्र पर पुष्पार्चन कर सभी स्वयंसेवकों के साथ "आद्य सरसंघचालक प्रणाम" करने के पश्चात प्रारंभ हुआ, तत्पश्चात ध्वजारोपण हुआ । वक्ता व मुख्य अतिथि विनय जी ने कहा कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय काल गणना का प्रथम दिन अर्थात नववर्ष का प्रारंभ दिवस होता है। हमारी यह मान्यता है कि इसी दिन सृष्टि की रचना, रामचंद्र जी का राज्याभिषेक, विक्रमादित्य द्वारा शकों का पूर्ण विजय प्राप्त कर विक्रम संवत का प्रारंभ, दयानंद सरस्वती द्वारा आर्य समाज की स्थापना आदि कई महत्वपूर्ण कार्य आज ही के दिन हुए हैं।

संघ के स्वयंसेवकों के लिए आज का दिन अति महत्वपूर्ण होता है क्योंकि संघ के संस्थापक परम पूज्य डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी आज ही के दिन हुआ था, डा.हेडगेवार का सपना था कि "भारत परम वैभव को प्राप्त करें" इसके लिए हम 100 वर्षों से निरंतर संघ स्वयंसेवको के माध्यम से समाज में राष्ट्रवाद का कार्य कर रहे हैं, 100 वर्षों अर्थात शताब्दी वर्ष में तीन कार्य का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है जो पूरा विश्व भी देख रहा है। बाकी के शेष तीन काम स्वदेश, स्व-भाव एवं स्व-राष्ट्र पर सभी कार्य करके भारतवर्ष को परम वैभव पर ले जाने का कार्य राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने आधार स्तंभ शाखा व स्वयंसेवको के माध्यम से करेगा। भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता था और आगे भी जाना जाएगा इसके लिए हम कटिबंद्ध हैं । पूरे विश्व में भारत का नाम गुज़ रहा है । उक्त कार्यक्रम में मंच पर जिले के जिला संघचालक कैलाश जी एवं नगर संघचालक सुनील जी के साथ सभी गणवेश धारी स्वयंसेवक उपस्थित होकर नव वर्ष का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया । कार्यक्रम का समापन संघ की प्रार्थना "नमस्ते सदा वत्सले......" से हुई।


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