राणा सांगा के अपमान पर क्षत्रिय समाज का आक्रोश, मऊ में विशाल रैली निकाल किया धरना प्रदर्शन

10 हजार से अधिक राजपूत समाज एकमत होकर दिखाई ताकत

विवेक सिंह

मऊ फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो। समाजवादी पार्टी (सपा) के राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन द्वारा संसद में महान योद्धा क्षत्रिय शिरोमणि राणा सांगा को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के विरोध में क्षत्रिय समाज ने मऊ जिले में जोरदार धरना प्रदर्शन और आक्रोश रैली निकाली। क्षत्रिय एकता मंच के बैनर तले विभिन्न क्षत्रिय संगठनों ने एकजुट होकर इस प्रदर्शन में भाग लिया।

राणा सांगा के सम्मान में एकजुट हुआ क्षत्रिय समाज

धरने की अध्यक्षता वरिष्ठ डॉ. संजय सिंह ने की। सभी वक्ताओं ने एकमत होकर इस अपमानजनक टिप्पणी की कड़ी निंदा की और भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन तैयार किया।

सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में क्षत्रिय समाज ने सपा सांसद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर ज़ोर दिया जिसमें सांसद को राज्यसभा सदस्यता से तत्काल बर्खास्त किया जाए। भारत के वीर महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए सख्त कानून बनाया जाए, ताकि भविष्य में कोई भी ऐसी मर्यादाहीन टिप्पणी करने का साहस न कर सके। सपा सांसद के विरुद्ध राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। अन्यथा पूरा क्षत्रिय समाज उनकी पार्टी के खिलाफ धीरे-धीरे एक राय होकर, जगह-जगह बैठकर संपर्क कर विरोध प्रदर्शन कर गांव गांव तक पहुंचेगा।

प्रदर्शन में गरजे वक्ता, सांसद पर फूटा आक्रोश

इस धरना प्रदर्शन में प्रमुख वक्ता जयप्रकाश सिंह, जगरनाथ सिंह, अशोक सिंह, संतोष कुमार सिंह, गनेश सिंह , राष्ट्र कुँवर सिंह, देवेन्द्र सिंह, प्रह्लाद सिंह, उमाशंकर सिंह, नागेंद्र सिंह तोमर, कृपा शंकर सिंह सिसौदिया और शैलेन्द्र सिंह ‘पिंटू’ ने अपनी बात रखते हुए सांसद की बयानबाजी की कड़ी आलोचना की। सभी ने एक स्वर में कहा कि राणा सांगा केवल एक राजा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और गौरव के प्रतीक हैं, उनके सम्मान को ठेस पहुंचाने का कोई अधिकार किसी को नहीं है।

धरने का सफल संचालन और संयोजन

पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन पुरुषार्थ सिंह ने किया, जबकि आयोजन के संयोजक विजय प्रताप सिंह रहे। प्रदर्शन के दौरान क्षत्रिय समाज के 10 हजार के उपर लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और राणा सांगा के सम्मान में रैली निकाल नारे लगाए।

क्षत्रिय समाज की हुंकार –
राणा सांगा का अपमान नहीं सहेंगे!
राणा सांगा अमर रहें!
क्षत्रिय एकता जिंदाबाद!
क्षत्रिय समाज ने स्पष्ट कर दिया कि वे अपने गौरवशाली इतिहास और वीर महापुरुषों के सम्मान की रक्षा के लिए हरसंभव संघर्ष करेंगे। यदि जल्द ही सरकार और संबंधित प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।


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