
आतंक के खिलाफ तीन महान शक्तियां हुयी एकजुट
नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ भारत का साथ देते हुए अमेरिका संयुक्त राष्ट्र पहुंचा। इस मामले में समर्थन देने के लिए फ्रांस भी आगे आया। मामले में पठानकोट हमले के मास्टरमाइंड और जैश-ए-मोहम्मद के चीफ मसूद अजहर पर बैन लगाने के प्रयास में हैं। लेकिन एक बार फिर चीन अडंगा लगा रहा है।
चीन अडंगा लगा रहा
अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की प्रतिबंध कमिटी से अजहर मसूद को अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी घोषित करने की मांग की है। हालांकि, एक बार फिर उसे चीन के विरोध का सामना करना पड़ा है।
ख़बरों के मुताबिक, यह प्रस्ताव वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच विचार-विमर्श के बाद ही बनाया गया है।
इसमें कहा गया है कि जैश-ए-मोहम्मद एक आतंकवादी संगठन है, इसलिए इसके नेता को प्रितबंध मुक्त नहीं रखा जा सकता है।
वहीं, चीन ने इस मामले में अमेरिका का विरोध किया है। वह इस प्रस्ताव पर रोक लगाना चाहता है। चीन का यह कदम 10 दिन की डेडलाइन के ठीक पहले उठाया गया है, जिसके अंतर्गत प्रस्ताव या तो स्वीकार कर लिया जाता या फिर खारिज कर दिया जाता।
चीन के इस कदम पर विदेश मंत्रालय ने कहा है, हमें इस बात की जानकारी दी गई है। इस मामले में चीनी सरकार ने भी कदम उठाया है।