
पाकिस्तानी आतंकी हाफिज सईद को छोड़वाने के लिये दबाव, ट्रम्प और मोदी निशाने पर
इस्लामाबाद। मुंबई आतंकी हमलों के मास्टरमांइड एवं जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद की रिहाई को लेकर बुधवार को पाकिस्तान में प्रदर्शन हुए। हिजबुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन ने पाकिस्तान सरकार से सईद के हिरासत आदेश को वापस लेने की मांग की। सलाहुद्दीन ने हिरासत को कष्टदायक और कायरतापूर्ण बताया है। गृह मंत्रालय से जारी एक अधिसूचना में कहा गया कि हाफिज सईद को सोमवार की रात आतंकवाद निरोधक कानून 1977 के तहत हिरासत में लिया गया है।
यह कदम पड़ोसी भारत, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र के वर्षो के दबाव के बाद उठाया गया है। उसकी हिरासत से हाल में भारत से बढ़े तनावों में कभी आने की संभावना है। भारत सईद को 2008 में हुए मुंबई आंतकी हमलों के मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर दोषी ठहराता है।
युनाइटेड जिहाद काउंसिल (यूजेसी) के अध्यक्ष सलाहुद्दीन ने एक बयान में कहा, “हाफिज मोहम्मद सईद ने न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर में अपनी आपराधिक चुप्पी तोड़ने के लिए अनुरोध किया, बल्कि उन्होंने भारत के साम्राज्यवादी शासन के अत्याचार को भी उजागर किया है।”
बुधवार को हुए एक प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले भी जलाए।
प्रदर्शनकारी हाथों में जमात-उद-दावा के पक्ष में लिखी तख्तियां लिए हुए थे और नारे लगा रहे थे।
एक बड़े बैनर पर लिखा था, “हाफिज सईद की नजरबंदी भारत को खुश करने के लिए मंजूर नहीं।”
जमात-उद-दावा नेताओं ने सईद के जल्द रिहा नहीं किए जाने पर सरकार के खिलाफ विरोध आंदोलन की चेतावनी दी। उनका कहना है कि सईद की हिरासत से अगर कश्मीरी आंदोलन कमजोर पड़ा तो इसकी जिम्मेदारी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की होगी।
प्रदर्शनकारियों ने सईद के निर्देश पर 5 फरवरी को देशव्यापी रैलियों का ऐलान किया है।