
सेवारत शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन ।
फास्ट इंडिया न्यूज ब्यूरो
मऊ ।अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के आहवान पर दिनांक 18 जून 2026 को सम्पूर्ण देश में सभी जिला अधिकारियों के माध्यम से सेवारत शिक्षकों के लिए टेट अनिवार्यता के विरुद्ध प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमन्त्री उत्तर प्रदेश को सम्बोधित ज्ञापन दिया गया। ज्ञातव्य है कि सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पुनर्विचार याचिका पर दिनांक 29 मई 2026 को दिये गये निर्णय के फलस्वरूप सभी सेवारत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अनिवार्य हो गया है। इसमें आरटीई एक्ट लागू होने से पूर्व नियुक्त पुराने शिक्षक भी शामिल हैं। उक्त निर्णय के विरुद्ध देश भर से शिक्षक समुदाय ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजने का निर्णय लिया है।
भारतीय विधिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार पूर्व में विभिन्न राज्यों मे विधिवत सम्पन्न नियुक्तियों पर बाद में निर्मित पात्रता मानदण्डों को लागू करना प्राकृतिक, समानता तथा विधिक निश्चितता के सिद्धान्तों के अनुरूप नहीं है। देशभर के राज्यों में वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों की नियुक्तियाँ उस समय प्रभावी नियमों एवं पात्रताओं के अनुरूप पूर्णतः वैध थी ।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह करता है कि 23 अगस्त 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों एवं उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने की तिथि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए।
ज्ञापन कार्यक्रम का नेतृत्व राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ जनपद मऊ के अध्यक्ष रूपेश कुमार पाण्डेय, महामन्त्री अरविन्द कुमार आर्य, संरक्षक राजा आनन्द ज्योति सिंह तथा प्रदेश उपाध्यक्ष राम प्रताप सिंह जी ने किया।
ज्ञापन देने वालों में उपेन्द्र नाथ तिवारी, गिरीश चन्द्र कुशवाहा, राजेश गुप्त, शिव प्रसाद आर्य, राजकिशोर प्रसाद, रामरतन राम, बृजभूषण मौर्य, राजाराम यादव, राकेश यादव मनोज यादव, सुनील यादव, राम विजय, अरविन्द सिंह, वीरेन्द्र सिंह अनन्तलाल, हेमन्त गुप्त, शुमैला नाज़, अनवर जहाँ, शाइस्ता यासमीन, नीलम देवी, अनीता रानी, सुभद्रा चौहान , इंदू यादव,अर्चना सिंह, प्रिया सिंह, अरविन्द पाण्डेय,रवीन्द्र चौहान , आदि सैकड़ों की संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे ।



